ShareThis

Thursday, November 29, 2012

You Can't Change the Change the World ? Inspirational PPT

Vote Now: 
In this motivational blog following inspirational powerpoint has largest in time. You have to devote 48 minutes to watch this presentation completely. Start evangelizing all of us instead only yourself because you can't change the world if no one knows.

Start watching it now.





Steve Jobs- Motivational Video in Hindi

Vote Now: 
Did you watch Steve Jobs video "Stay hungry, Stay foolish" in my blog? That  high motivational video where Steve Jobs give commencement in front of college students are completely outstanding and no other motivation could require if you have listened it. For those audience who are interested to watch the same steve jobs motivational video in hindi.. Watch following video

10 Golden Business Rules for Success of Sam Walton- Motivation in Hindi

Vote Now: 

Rule 1: अपने  व्यवसाय  के  प्रति  समर्पित रहिये :

आपको  अपने  business में  किसी  भी  और  व्यक्ति  से  ज्यादा  यकीन  होना  चाहिए . यदि  इंसान  में  अपने  काम  के  प्रति  passion है  तो  वो  अपने  अन्दर  की  सारी  खामियों  से  पार  पा  लेगा . मुझे  नहीं  पता  कि  आदमी  passion के  साथ  पैदा  होता  है  या  वो  इसे  develop कर  सकता  है . पर   मैं  इतना  जानता  हूँ  कि आपको  इसकी  ज़रुरत  पड़ती  है .  यदि आप अपने काम से प्रेम करते हैं तो, तो आप हर रोज़ उसे best possible way में करना चाहेंगे ,और जल्द ही आपके साथ काम करने वाले भी किसी बुखार की तरह इसे आपसे catch कर लेंगे.

Rule 2: Profit को सभी काम करने   वालों  में  बाटिये  और  उन्हें  partner की  तरह  treat करिए :

बदले  में   employees भी  आपको as a  partner treat करेंगे  और  तब  आप  जितना  सोच  नहीं  सकते  उससे  भी  अच्छा  कर  पायेंगे . आप  चाहें   तो  company पर  अपना  control बनाये  रखिये  मगर  एक  सेवक  के  रूप  में  lead करिए . अपने  साथियों  को  company के  stocks खरीदने  के  लिए  encourage करिए  और  retirement के  समय  उन्हें  discounted stocks दीजिये .शायद  हमने  आज  तक  जो  कुछ  भी  किया  उनमे  से  ये  सबसे  महत्त्वपूर्ण  चीज  थी .
Rule 3: Motivate your partners. अपने  partners को  motivate कीजिये :

सिर्फ  पैसा  और  ownership काफी  नहीं  है .हर  रोज़  नए  innovative तरीकों  से  अपने  partners को motivate और  challenge कीजिये . बड़े  लक्ष्य  निर्धारित  करिए  , competition को  बढ़ावा  दीजिये  …अगर  माहौल  फीका  पड़  रहा  हो  तो  एक  manager की  जॉब  दूसरे  से  switch कीजिये  और  उन्हें  बेहतर  करने  के  लिए  उत्साहित  कीजिये . अपने  आपको  बहुत  predictable मत  बनाइये , लोगों  को  guess करने  दीजिये  की  आपकी  अगली  trick क्या  होगी .

Rule 4: अपने  partners को  हर  संभव  चीज  communicate कीजिये :

ऐसा  करने  से  वो  business को  बेहतर  समझ  पायेंगे  , और  जितना  अधिक  वो  समझेंगे  उतनी  ज्यादा  care करेंगे . और  जब  वो  care करने  लगेंगे  तब  उन्हें  कोई  रोक  नहीं  सकता . यदि  आप  अपने  associates से  बातें  छुपायेंगे  तो  वो  देर -सबेर  समझ  जायेंगे  कि  आप  उनको  partner नहीं  consider करते  हैं . सूचना  शक्ति  है  , अपने  asoocites को  empower करके  आपको  जो  फायदा  होता  है  वो  competitor को  बात  का  पता  चलने  से  होने  वाले  नुकसान  से  कहीं  अधिक  है .

Rule 5: Associates business के  लिए  जो  करते  हैं  उसकी  प्रशंशा  कीजिये :

Salary और  share देने  से  आपको  एक  तरह  की  loyalty मिलेगी . लेकिन  हर  कोई  अपने  काम  की  प्रशंशा  सुनना  चाहता  है . हम  अक्सर  अपनी  प्रशंशा सुनना  चाहते  हैं , और  खासतौर  पर  तब  जब  हम  अपने  किसी  काम  पर  proud feel कर  रहे  हों . सही  समय  पर  , सही  शब्दों  द्वारा  की  गयी  सच्ची  प्रशंशा  का  कोई  विकल्प  नहीं  है . ये  बिलकुल  फ्री  होते  हुए  भी  एक  खजाने  के  बराबर  होती  है .

Rule 6: Celebrate your success. अपनी  सफलता को  celebrate करिए :

यदि  आप  असफल  हों  तो  उसमे  कुछ  humour खोजिये . अपने  आप  को  बहुत  seriously मत  लीजिये . जब  आप  tension free होंगे  तो  आपके  साथ  के  लोग  भी  हल्का  महसूस  करेंगे .उत्साह  दिखाइए – हमेशा . जब  सब  fail  हो  जाए  तो  रंग  बिरंगे  कपडे  पहन   कर  कोई  silly गाना  गिये . और  फिर  सभी  को  अपने  साथ  गाने  को  कहिये . अपनी  कामयाबी  का  जश्न  मानाने  के  लिए  Wall Street पर  मत  नाचिये . ये  किया  जा  चुका  है . कुछ  नया  सोचिये , ये  सब  जितना  हम  सोचते  हैं  उससे  कहीं  अधिक  ज़रूरी  है  और  मस्ती  से  भरा  हुआ  भी , और  इससे  competitor भी  मूर्ख  बन  जाते  हैं .

Rule 7: अपनी  कंपनी  में  हर  किसी  को  सुनिए  और  ऐसा  उपाय  निकालिए  कि  वो  आपस  में  बात  करें :

जो  सामने  बैठते  हैं —वो  जो  customer  से  बात  करते  हैं —सिर्फ  वही  जानते  हैं  कि  वहां  क्या  चल  रहा  है . इसलिए  ये  जानने  की  कोशिश  कीजिये   कि  वो  क्या  जानते  हैं .Total Quality  बस  यही  है . अपनी  संस्था  में  नीचे  तक  responsibility push करने  के  लिए  और  नयी  ideas को  सामने  लेन  के  लिए  ज़रूरी  है  कि  आप  यह  जानने  की  कोशिश  करें  कि  आपके  associate क्या  कहना  चाहते  हैं .

Rule 8: अपने  customers को  उम्मीद  से  ज्यादा  दीजिये :

यदि  आप  ऐसा  करेंगे  तो  वो  बार – बार  वापस  आयेंगे . उन्हें  वो  दीजिये  जो  वो  चाहते  हैं —और  फिर उससे  थोडा  ज्यादा . उन्हें  पता  चलना  चाहिए  की  आप  उनको  appreciate करते  हैं . अपनी  सभी  गलतियों  को  स्वीकारिये  और excuse मत दीजिये  —माफ़ी  मांगिये .आप  जो  कुछ  भी  करते  हैं  उसके  पीछे  खड़े  रहिये . आज  तक  दो  सबसे  ज़रूरी  शब्द  जो  मैंने  पहले  Wal-Mart sign के  नीचे  लिखे  थे : “Satisfaction Guaranteed” . वो  आज  भी  ऐसे  ही  लिखे  हुए  हैं  और  उनकी  वजह  से  इतना  सब  कुछ  हो  पाया .

Rule 9: अपने  खर्चों  को  competitor से  बेहतर  ढंग  से  control कीजिये :

यहीं   पर  आप  competitive advantage पा  सकते  हैं . लगातार  25 सालों  से  – Wal-Mart के  देश  के  सबसे  बड़े  retailer बनने  से  पहले — हम  इस  industry  में  lowest Expense to Sales ratio में  No.1 रहे  हैं , आप  बहुत  सारी  गलतियाँ  कर  के  भी  दुबारा  उबर  सकते  हैं  यदि  आपके  operations efficient हों . या  आप  बहुत  brilliant होते  हुए  भी  business से  बाहर  हो  सकते  हैं  अगर  आप  बहुत  inefficient हों .

Rule 10: धारा  के  विपरीत  तैरिये :

 दूसरी   तरफ  जाइये . Conventional Wisdom को छोड़िये . अगर  हर  कोई  काम  को  एक ही  तरह  से  कर  रहा  है  तो बहुत  ज्यादा  chance है  कि  आप  ठीक  उलटी  दिशा  में  जाकर  अपना  niche  पा  सकते  हैं .पर  इस  बात  के  लिए  तैयार  रहिये  कि  आपको  बहुत  सारे  लोग  ये  इशारा  करेंगे की  आप  गलत  दिशा  में  जा  रहे  हैं . मुझे  लगता  है  कि  मैंने  इन  तमाम  सालों  में  किसी  और  बात  से अधिक ये  सुना  है  कि : 50,000 से  कम  आबादी  वाला  town एक  discount store को  ज्यदा  समय  तक  support नहीं  कर  सकता

source: achhikhabar.com

Wednesday, November 28, 2012

Faces, Soul, Experiences and Famous Quotes- Inspirational PPT

Vote Now: 
In this following ppt. you will find something unimaginable. Watch and share this inspirational ppt



Tuesday, November 27, 2012

What Motivate You? Inspirational Powerpoint

Vote Now: 
What idea will work behind you? What kind of things can work in your life.? Bla Bla Bla... If you don't involve in  different activities that could stop you become what you like to be. So Start today and learn how thing works by following Inspirational Powerpoint.

Monday, November 26, 2012

जागो उठो सफलता के लिए आज ही आगे बड़ो ! Hindi Inspirational Story

Vote Now: 

सफलता Hindi Inspirational Story
एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था |गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते थे लेकिन  वह शिष्य अपने अध्ययन के प्रति आलसी और स्वभाव से दीर्घसूत्री था |सदा स्वाध्याय से दूर भागने की कोशिश  करता तथा आज के काम को कल के लिए छोड़ दिया करता था | अब गुरूजी कुछ चिंतित रहने लगे कि कहीं उनका यह शिष्य जीवन-संग्राम में पराजित न हो जाये|
आलस्य में व्यक्ति को अकर्मण्य बनाने की पूरी सामर्थ्य होती है |
ऐसा व्यक्ति बिना परिश्रम के ही फलोपभोग की कामना करता है| वह शीघ्र निर्णय नहीं ले सकता और यदि ले भी लेता है,तो उसे कार्यान्वित नहीं कर पाता| यहाँ तक कि  अपने पर्यावरण के प्रति  भी सजग नहीं रहता है और न भाग्य द्वारा प्रदत्त सुअवसरों का लाभ उठाने की कला में ही प्रवीण हो पता है | 
उन्होंने मन ही मन अपने शिष्य के कल्याण के लिए एक योजना बना ली |एक दिन एक काले पत्थर का एक टुकड़ा उसके हाथ में देते हुए गुरु जी ने कहा –‘मैं तुम्हें यह जादुई पत्थर का टुकड़ा, दो दिन के लिए दे कर, कहीं दूसरे गाँव जा रहा हूँ| जिस भी लोहे की वस्तु को तुम इससे स्पर्श करोगे, वह स्वर्ण में परिवर्तित हो जायेगी| पर याद रहे कि दूसरे दिन सूर्यास्त के पश्चात मैं इसे तुमसे वापस ले लूँगा|’
 शिष्य इस सुअवसर को पाकर बड़ा प्रसन्न हुआ लेकिन आलसी होने के कारण उसने अपना पहला दिन यह कल्पना करते-करते बिता दिया कि जब उसके पास बहुत सारा स्वर्ण होगा तब वह कितना प्रसन्न, सुखी,समृद्ध और संतुष्ट रहेगा, इतने नौकर-चाकर होंगे कि उसे पानी पीने के लिए भी नहीं उठाना पड़ेगा | 
फिर दूसरे दिन जब वह  प्रातःकाल जागा,उसे अच्छी तरह से स्मरण था कि आज स्वर्ण पाने का दूसरा और अंतिम दिन है |उसने मन में पक्का विचार किया कि आज वह गुरूजी द्वारा दिए गये काले पत्थर का लाभ ज़रूर उठाएगा | उसने निश्चय किया कि वो बाज़ार से लोहे के बड़े-बड़े सामान खरीद कर लायेगा और उन्हें स्वर्ण में परिवर्तित कर देगा. दिन बीतता गया, पर वह इसी सोच में बैठा रहा की अभी तो बहुत समय है, कभी भी बाज़ार जाकर सामान लेता आएगा. उसने सोचा कि अब तो  दोपहर का भोजन करने के पश्चात ही सामान लेने निकलूंगा.पर भोजन करने के बाद उसे विश्राम करने की आदत थी , और उसने बजाये उठ के मेहनत करने के थोड़ी देर आराम करना उचित समझा. पर आलस्य से परिपूर्ण उसका शरीर नीद की गहराइयों में खो गया, और जब वो उठा तो सूर्यास्त होने को था. अब वह जल्दी-जल्दी बाज़ार की तरफ भागने लगा, पर रास्ते में ही उसे गुरूजी मिल गए उनको देखते ही वह उनके चरणों पर गिरकर, उस जादुई पत्थर को एक दिन और अपने पास रखने के लिए याचना करने लगा लेकिन गुरूजी नहीं माने और उस शिष्य का धनी होने का सपना चूर-चूर हो गया | 
पर इस घटना की वजह से शिष्य को एक बहुत बड़ी सीख मिल गयी: उसे अपने आलस्य पर पछतावा होने लगा, वह समझ गया कि आलस्य उसके जीवन के लिए एक अभिशाप है और उसने प्रण किया कि अब वो कभी भी काम से जी नहीं चुराएगा और एक कर्मठ, सजग और सक्रिय व्यक्ति बन कर दिखायेगा.
 मित्रों, जीवन में हर किसी को एक से बढ़कर एक अवसर मिलते हैं , पर कई लोग इन्हें बस अपने आलस्य के कारण गवां देते हैं. इसलिए मैं यही कहना चाहता हूँ कि यदि आप सफल, सुखी, भाग्यशाली, धनी अथवा महान  बनना चाहते हैं तो आलस्य और दीर्घसूत्रता को त्यागकर, अपने अंदर विवेक, कष्टसाध्य श्रम,और सतत् जागरूकता जैसे गुणों को विकसित कीजिये और जब कभी आपके मन में किसी आवश्यक काम को टालने का विचार आये तो स्वयं से एक प्रश्न कीजिये – “आज ही क्यों नहीं ?”

10 Laugh of Wisdom - Inspirational Powerpoint

Vote Now: 
You still remember "How to laugh louder"? You don't need to do some serious talks every time to learn some fantastic things about life. Give a chance to your self and see this wisdom. Remember if you like something so laugh loud because only humans can read & laugh.


Sunday, November 25, 2012

Discover Real Purpose in Life - Get a Technique

Vote Now: 

Everyone is here with some purpose but that we don't know at this time or I can say we don't even see at that side but it will be very interesting to find out the real reason of our existence. It will motivate us every time to joy the current moment exactly. It might be possible you are nihilistic guy who does think that you are here for no purpose in the life. It doesn't matter. It will not stop you to discovering it . For example Gravity, either you accept the gravity law or not but you jump off from the wall so you will fall down definitely.

If you want to learn something new, completely empty yourself first until you thrown out the filled water from cup you won't be able to learn something new. It is very first condition to discover real purpose of life, empty your mind with all previous learning and presumptions including the thought of no purpose life.

Try to be focus on this part of life with dedication and complete trust. This is the beginning, if you will follow above advice then you get the answer much quicker and sooner. Now learn here, what you have to do exactly.

  1. Bring a blank paper sheet or write in word pad.
  2. Write  over the top, "What is my true purpose in life?"
  3. Now write any answer comes in your mind first don't think low for yourself even you don't realize your real power. Write a short phrase or long. Both will be fine.
  4. Write it again n again until the answer comes down with some tears in your eyes. This will be your real purpose.

It is as simple as that. It really doesn't matter either you are professor or muscular man. For some people this exercise may sound stupid but clear only one thing "Do you really find out your real purpose till now?" If yes, it is good. If no then don't hesitate to try the recommended exercise.

Remember one more thing when the answer will arrive, you will feel automatically that it arrives from entirely different source.

प्रेम बिन सब व्यर्थ, मान चाहे न मान - Hindi Motivational Story

Vote Now: 

एक औरत अपने घर से निकली , उसने घर के सामने सफ़ेद लम्बी दाढ़ी में तीन साधू-महात्माओं को बैठे देखा.

 "धन, प्रेम और सफलता" लेकिन वह उन्हें पहचान नही पायी ".

उसने कहा , “ मैं आप लोगों को नहीं पहचानती , बताइए क्या काम है ?”

 "हमें भोजन करना है .”, साधुओं ने बोला .

 ठीक है ! कृपया मेरे घर में पधारिये और भोजन ग्रहण कीजिये .”

क्या तुम्हारा पति घर में है ?” , एक साधू ने प्रश्न किया ."

नहीं, वह कुछ देर के लिए बाहर गए हैं .” औरत ने उत्तर दिया .

तब हम अन्दर नहीं सकते “, तीनो एक साथ बोले .

"थोड़ी देर में पति घर वापस गया , उसे साधुओं के बारे में पता चला तो उसने तुरंत अपनी पत्नी से उन्हें पुन: आमंत्रित करने के लिए कहा।औरत ने ऐसा ही किया , वह साधुओं के समक्ष गयी और बोली,” जी, अब मेरे पति वापस गए हैं , कृपया आप लोग घर में प्रवेश करिए !”

हम किसी घर में एक साथ प्रवेश नहीं करते .” साधुओं ने स्त्री को बताया .

ऐसा क्यों है ?” औरत ने अचरज से पूछाजवाब में मध्य में खड़े साधू ने बोला ,” पुत्री मेरी दायीं तरफ खड़े साधू का नामधनऔर बायीं तरफ खड़े साधू का नामसफलताहै , और मेरा नामप्रेमहै . अब जाओ और अपने पति से विचार-विमर्श कर के बताओ की तुम हम तीनो में से किसे बुलाना चाहती हो।

"औरत अन्दर गयी और अपने पति से सारी बात बता दी . पति बेहद खुश हो गया . “ वाह , आनंद गया , चलो जल्दी सेधनको बुला लेते हैं , उसके आने से हमारा घर धन-दौलत से भर जाएगा , और फिर कभी पैसों की कमी नहीं होगी .”

"औरत बोली ,” क्यों हम सफलता को बुला लें , उसके आने से हम जो करेंगे वो सही होगा , और हम देखते-देखते धन-दौलत के मालिक भी बन जायेंगे .”

हम्म , तुम्हारी बात भी सही है , पर इसमें मेहनत  करनी पड़ेगी , मुझे तो लगता ही धन को ही बुला लेते हैं .” , पति बोला .

"थोड़ी देर उनकी बहस चलती रही पर वो किसी निश्चय पर नहीं पहुच पाए , और अंतत: निश्चय किया कि  वह साधुओं से यह कहेंगे कि धन और सफलता में जो आना चाहे जाये।"

"औरत झट से बाहर गयी और उसने यह आग्रह साधुओं के सामने दोहरा दिया."

"उसकी बात सुनकर साधुओं ने एक दूसरे  की तरफ देखा और बिना कुछ कहे घर से दूर जाने लगे।"

अरे ! आप लोग इस तरह वापस क्यों जा रहे हैं ?” , औरत ने उन्हें रोकते हुए पूछा .

पुत्री ,दरअसल हम तीनो साधू इसी तरह द्वार-द्वार जाते हैं , और हर घर में प्रवेश करने का प्रयास करते हैं , जो व्यक्ति लालच में आकर धन या सफलता को बुलाता है हम वहां से लौट जाते हैं , और जो अपने घर  में प्रेम का वास चाहता है उसके यहाँ बारी- बारी से हम दोनों भी प्रवेश कर जाते हैं . इसलिए इतना याद रखना कि जहाँ प्रेम है वहां धन और सफलता की कमी नहीं होती ”, ऐसा कहते हुए धन और सफलता नामक साधुओं ने अपनी बात पूर्ण की .”

This blog is dedicated to give you inspiration in tough times. In a same way  like Hindi Motivational Story प्रेम बिन सब व्यर्थ, मान चाहे न मान. Read more hindi stories in this blog. If you like to share some inspirational stuff with us, send me.

Friday, November 23, 2012

Does it Inspire you? Inspirational Video

Vote Now: 
This question I must ask with you because until I will be able to inspire you by the available motivational stuff in our blog. How can our purpose get fulfill everyday.? This inspirational video inspire you or not please share it with me and our blog audience. I am not describing it, I want you to watch because this can bring some positive change in your life.


Learn from Nature- Inspiring Quotes about Life

Vote Now: 
Watch this Inspirational Powerpoint and learn from Nature might you have forgotten or refresh your memory once again. In following PPT read inspiring quotes about life.


Thoughts have power - Hindi Inspirational Story

Vote Now: 
"बहुत समय पहले की बात है , किसी  गाँव में एक किसान रहता था . उसके पास बहुत सारे जानवर थे , उन्ही में से झटक कर आगे बढ़ जाएं !"

"एक गधा भी था . एक दिन वह चरते चरते खेत में बने एक पुराने सूखे हुए कुएं के पास जा पहुचा और अचानक ही उसमे  फिसल कर गिर गया . गिरते ही उसने जोर -जोर से चिल्लाना शुरू किया -” ढेंचू-ढेंचू ….ढेंचू-ढेंचू ….”

"उसकी आवाज़ सुन कर खेत में काम कर रहे लोग कुएं के पास पहुचे, किसान को भी बुलाया गया .
किसान ने स्थिति का जायजा लिया , उसे गधे पर दया तो आई लेकिन उसने मन में सोचा  कि इस बूढ़े गधे को बचाने से कोई लाभ नहीं है और इसमें मेहनत भी बहुत लगेगी और साथ ही कुएं की भी कोई ज़रुरत नहीं है , फिर उसने बाकी लोगों से कहा , “मुझे नहीं लगता कि हम किसी भी तरह इस गधे को बचा सकते हैं अतः  आप सभी अपने-अपने काम पर लग जाइए, यहाँ समय गंवाने से कोई लाभ नहीं.”

"और ऐसा कह कर वह आगे बढ़ने को ही था की एक मजदूर बोला, ” मालिक , इस गधे ने सालों तक आपकी सेवा की है , इसे इस तरह तड़प-तड़प के मरने देने से अच्छा होगा की हम उसे इसी कुएं में दफना दें .”
किसान ने भी सहमती जताते हुए उसकी हाँ में हाँ मिला दी."

"चलो हम सब मिल कर इस कुएं में मिटटी डालना शुरू करते हैं और गधे को यहीं दफना देते हैं”, किसान बोला."

"गधा ये सब सुन रहा था और अब वह और भी डर गया  , उसे लगा कि  कहाँ उसके मालिक को उसे बचाना चाहिए तो उलटे वो लोग उसे दफनाने की योजना बना रहे हैं .  यह सब  सुन  कर वह भयभीत हो गया , पर उसने हिम्मत नहीं हारी और भगवान् को याद कर वहां से निकलने के बारे में सोचने लगा …."

"अभी वह अपने विचारों में खोया ही था कि  अचानक उसके ऊपर मिटटी की बारिश होने लगी, गधे ने मन ही मन सोचा कि भले कुछ हो जाए वह अपना प्रयास नहीं छोड़ेगा और आसानी से हार नहीं मानेगा। और फिर वह पूरी ताकत से उछाल मारने लगा ."

"किसान भी औरों की तरह मिटटी से भरी एक बोरी कुएं में झोंक दी और उसमे  झाँकने लगा , उसने देखा की जैसे ही मिटटी गधे के ऊपर पड़ती वो उसे अपने शरीर से झटकता  और उचल कर उसके ऊपर चढ़ जाता .जब भी उसपे मिटटी डाली जाती वह यही करता ….झटकता और ऊपर चढ़ जाता …. झटकता और ऊपर चढ़ जाता !"

"किसान भी समझ चुका  था कि अगर वह यूँही मिटटी डलवाता रहा तो गधे की जान बच सकती है .
फिर क्या था वह मिटटी डलवाता गया और देखते-देखते गधा कुएं के मुहाने तक पहुँच गया, और अंत में कूद कर बाहर आ गया."

"मित्रों, हमारी ज़िन्दगी भी इसी तरह होती है , हम चाहे जितनी भी सावधानी बरतें कभी न  कभी मुसीबत रुपी गड्ढे में गिर ही जाते हैं .पर  गिरना प्रमुख नहीं है, प्रमुख है संभलना  . बहुत से लोग बिना प्रयास किये ही हार मान लेते हैं , पर जो प्रयास करते हैं भगवान् भी किसी न किसी रूप में उनके लिए मदद भेज देता है। यदि गधा लगातार बचने का प्रयास नहीं करता तो किसान के दिमाग में भी यह बात नहीं आती को उसे बचाया जा सकता है … इसलिए जब अगली बार आप किसी मुसीबत में पड़ें तो कोशिश करिए कि  आप भी उसे झटक कर आगे बढ़ जाएं।"

This blog is dedicated to give you inspiration in tough times. In a same way  like Hindi Motivational Story शुरुआत उम्र से नहीं होसले से होती हैं. Read more hindi stories in this blog. If you like to share some inspirational stuff with us, send me.

source: achhikhabar.com

Thursday, November 22, 2012

Play Your Upcoming Day As You Want, Get a Technique !

Vote Now: 

Visualize

Do you know the best way to predict the future ? Just create it right away. There are many things, circumstances that can't under control by you like behavior of boss in office or colleagues behaviors etc. but at least make it controllable. You can use the time intelligently and predict your next day even you can imagine how would be your next day? 

I am not asking you to create TO DOs list.................

You don't need to create your schedule for tomorrow. You can name it mental programming.  

Start programming your mind

A most powerful technique that you have to apply everyday before you sleep or after you rouse each morning either it is weekend. Don't miss it.

Visualize technique 

Spend 5-10 minutes to visualize your upcoming day. You have to develop your mind sight like you are watching the picture of your whole day in fast mode. In computer language compress your awakening hours into minutes.

You must be think its tough.............

I won't say it will be much easier for some days at least. Choice is yours. Either you want stressful life or simply control your circumstances and events in life.Your choice will decide your future. 

Start winning yourself and take full control of your life at your end because Zindagi na milegi Dubara

Watch this following video and take some more idea about visualization and getting the perfect day

Redirect Your Negative Thoughts - Motivation in Hindi

Vote Now: 

Suppose करिए कि आपकी बार-बार एक ही negative thought को सोचने की बुरी आदत है. और suppose करिए कि असल दुनिया में उस सोच की कोई अभिव्यक्ति नहीं है. वो बस एक नकारात्मक सोच है , जैसे ” मैं बहुत depressed हूँ” या ” मुझे अपनी नौकरी से नफरत है” या ” मैं ये नहीं कर सकता” या “मुझे अपने मोटापे से नफरत है.” आप किसी  बुरी आदत से कैसे छुटकारा पायेंगे जब वो पूरी तरह से आपके दिमाग में हो ?
असल में negative thought pattern को बदलने के बहुत सारे तरीके हैं. Basic idea ये है कि पुराने thought pattern को नए से replace कर दिया जाए. मानसिक रूप से नकारात्मक सोच का विरोध करना उल्टा पड़ सकता है- आप इसे और मजबूत करते जायेंगे और स्थिति बदतर हो जाएगी. आप जितना अपने neurons को उसी दिशा में fire करेंगे, आपकी नकारात्मक सोच उतनी ही शशक्त होती जायेगी.
यहाँ एक तरीका है जो मैं अपने negative thought patterns को break करने के लिए use करता हूँ.  ये basically एक memory technique जिसे ‘chaining’ कहते हैं से मिला जुला कर बना है. ये तरीका मेरे लिए बहुत सही काम करता है.
Negative Thought pattern का विरोध करने का प्रयास करने की बजाये आप इसकी दिशा बदल दीजिये. इसे आप एक mental kung fu की तरह से समझिये. नकारात्मक सोच की उर्जा को लीजिये और उसे सकारात्मक सोच की तरफ मोड़ दीजिये. थोड़ी सी mental conditioning के साथ जब भी आपके दिमाग में negative thought आएगी , आपका दिमाग खुद बखुद positive thought की तरफ divert हो जाएगा. ये Pavlov’s dogs की तरह है जो घंटी बजने पर लार टपकाना सीख जाते हैं.
ये ऐसे काम करता है:
मान लीजये आपकी negative thought एक subvocalization है, मतलब आपको अन्दर से एक आवाज़ सुनाई देती है जिसे आप बदलना चाहते हैं , जैसे कि, ” मैं idiot हूँ”. अगर आपकी negative thought एक आवाज़ होने की बजाये एक mental image (कोई चित्र जो दिमाग में आता हो) या  kinesthetic ( कोई अन्दर होने वाला एहसास
) हो तो भी आप इस process को use कर सकते हैं. कई मामलों में आपका विचार इन तीनों का combination भी हो सकता है.

Step 1: अपनी negative thought को एक mental image में बदल लें.

उस आवाज को सुनिए और दिमाग में उसकी एक तस्वीर बना लीजिये.For Example, यदि आपकी सोच है कि , “मैं idiot हूँ”, तो कल्पना कीजिये कि आप मूर्खतापूर्ण कपडे पहने और जोकरों वाली टोपी लगाकर इधर उधर कूद रहे हैं. आपके चारो तरफ लोग खड़े हैं जो आपकी तरफ ऊँगली दिखा रहे हैं और आप चिल्ला रहे हैं, “मैं idiot हूँ” आप इस scene को जितना बढ़ा चढ़ा कर देखेंगे उतना बेहतर है . चटक रंगों, खूब सारे animation,यहाँ तक कि आप कुछ sex से भी सम्बंधित सोच सकते हैं यदि ये आपको याद रखने में मदद करे. इस scene को बार-बार तब तक practice करते रहिये जब तक महज वो negative line सोचने भर से आपके दिमाग में आपकी कल्पना की हुई negative mental image ना आने लगे.
यदि आपको उस विचार का चित्रण करने में दिक्कत हो तो आप उसे एक आवाज़ का भी रूप दे सकते हैं. अपनी negative thought को एक आवाज़ में बदल लें , जैसे कि कोई धुन जिसे आप गुनगुनाते हों. इस प्रोसेस follow करने में को चाहे एक  sound की कल्पना करें या किसी चित्र की , दोनों ही तरह से ये काम करेगा. वैसे मैं किसी चित्र के बारे में कल्पना करना prefer करता हूँ.
 Step 2: उस negative thought को replace करने के लिए कोई powerful positive thought चुनें.
अब decide करिए की negative thought को replace करने के लिए आप कौन सी positive thought चुनेंगे. जैसे कि यदि आप ये सोचते रहते हैं कि, ” मैं idiot हूँ,” तो शायद आप उसे , “मैं brilliant हूँ.” से replace करना चाहेंगे. कोई ऐसी सोच चुनिए जो आपको कुछ इस तरह से शशक्त बनाए कि आप उस negative thought के असर को कमजोर बना पाए.

Step 3: अब अपनी positive thought को एक mental image में बदल लें

एक बार फिर से Step 1 की तरह ही अपनी positive thought के लिए एक mental image बना लें. जैसे कि उदाहरण में ली गयी सोच  “में brilliant हूँ” के लिए आप खुद को Superman की तरह दोनों हाथ कमर पर रख कर खड़ा हुआ होने की कल्पना कर सकते हैं.और आप सोच सकते हैं कि ठीक आपके सर के ऊपर एक bulb जल रहा है. Bulb बहुत तेज रौशनी के साथ जगमगा रहा है, और आप जोर से चीख रहे हैं, ” मैं bbbbrrrrrillllliannnnttt हूँ !”. इसकी practice तब तक करते रहिये जब तक महज वो positive line सोचने भर से आपके दिमाग में आपकी कल्पना की हुई positive mental image ना आने लगे.

Step 4: अब दोनों mental images को एक साथ जोड़ दीजिये.

आपने Step 1 और Step 3 में जो mental image सोची है , दोनों को अपने दिमाग में चिपका दीजिये. ये trick chaining नामक memory technique में प्रयोग होती है. इसमें आप पहले चित्र को दुसरे में परिवर्तित कर देते हैं. मेरा सुझाव है कि आप इस एक animated movie की तरह करिए. इसमें आपको पहला (negative picture) और आखिरी (positive picture) scene का अंदाजा है, बस आपको बीच में एक छोटा सा एनीमेशन भरना है.
For example, पहले scene में  आपके idiot version पर कोई एक light bulb फेंकता है.और आप उस बल्ब को कैच कर लेते हैं और  आपके पकड़ते ही वो बल्ब बड़ा होने लगता है और उससे इतनी तेज रौशनी निकलती है कि आपको घेरे हुए लोग चौंधिया जाते हैं. तब आप अपने मूर्खतापूर्ण कपड़ों को फाड़ कर फेंक देते हैं और चमचमाते सफ़ेद लिबास में प्रकट होते हैं. आप Superman की तरह पूरे आत्मविश्वास के साथ खड़े होकर जोर से चिल्लाते हैं, ” ” मैं bbbbrrrrrillllliannnnttt हूँ !”और फिर वो लोग अपने घुटनों के बल बैठ जाते हैं और आपकी पूजा करने लगते हैं. एक बार फिर , आप इसे जितना बढ़ा-चढ़ा कर सोचेंगे उतना अच्छा होगा. बढ़ा-चढ़ा कर सोचना आपको scene को याद रखें में मदद करेगा क्योंकि हमारा दिमाग unusual चीजों को याद रखने के लिए designed होता है.
एक बार जब आप पूरा scene complete कर  लें तो फिर बाद-बाद इसे अपने दिमाग में दोहरायें ताकि speed आ जाये. इस  scene को शुरू से अंत तक तब तक imagine करते रहिये जब तक कि आप पूरा का पूरा scene 2 मिनट में complete नहीं कर लेते, ideally 1 मिनट में. ये बिजली की तेजी से होना चाहिए, वास्तविक दुनिया से कहीं तेज.

 Step 5: Test.

अब आपको अपने mental redirect को टेस्ट करना है कि ये काम कर रहा है कि नहीं. ये बहुत हद्द तक HTML redirect की तरह है – जब आप पुराना negative URL input करते हैं, तब आपका दिमाग उसे automatically positive की तरफ  redirect कर देता है.Negative thought के  दिमाग में आते ही तुरन्त positive thought आपके दिमाग में आ जानी चाहिए. अगर आपने ये सही से practice किया है तो ये automatically होने लगेगा. Negative thought दिमाग में आते ही पूरा का पूरा scene आपके दिमाग में घूम जायेगा. इसलिए आप जब भी ये सोचेंगे कि , ” मैं idiot हूँ “, भले आप पूरी तरह से aware ना हो कि आप ऐसा सोच रहे हैं, आप अंत में खुद को ये सोचता हुआ पायेंगे कि, “मैं brilliant हूँ”
अगर आपने पहले ऐसा visualization नहीं किया है तो आपको ये सब करने में कुछ समय लगेगा. Speed practice के साथ आएगी. एक बार अभ्यास हो जाने के बाद सारी चीजें सेकेंडों में हो जाएँगी. पहली बार करने में चीजें धीमी गति से होंगी,इससे discourage मत  होइए . किसी भी और skill की तरह इसे भी learn किया जा सकता है,और शायद पहली बार सीखने में ये आपको ये कुछ अटपटा लगे.
मेरा सुझाव है कि आप अलग-अलग तरह की कल्पना के साथ experiment करिए. आपको कुछ कल्पनाएँ बाकियों से सही लगेंगी. Association Vs. Dissociation पर ख़ास ध्यान दीजिये. जब आप किसी scene से associated होंगे तो आप उसे अपनी आँखों से घटता हुआ देखेंगे( i.e. first person perspective). जब आप dissociated होंगे तो आप उस scene में खुद को देखने की कल्पना करेंगे ( i.e. third person perspective). आम  तौर  पर मुझे best results खुद को dissociate करने पर मिलते हैं. आपके results अलग हो सकते हैं.
मैंने 1990s की शुरआत में इस तरह की काफी mental conditioning की है. जब भी मुझे इस तरह की कोई नकारात्मक सोच परेशान करती थी तो मैं उसे चुनता था और उसकी दिशा बदल देता था.कुछ ही दिनों में मैंने दर्जनों negative thought patterns को reprogram कर दिया था, और कुछ ही दिनों में मेरे दिमाग के लिए negative thought या emotion produce करना भी कठिन हो गया. ऐसी कोई भी सोच positive सोच की तरफ redirect हो जातीं.शायद कुछ हद तक इसीलिए मैं college से निकलने के तुरंत बाद अपन business start करने में पूरा confident था.मैं mental conditioning के माध्यम से अपनी self-doubt सम्बंधित thoughts को can-do mindset में बदल देता था. कालेज के दिनों में मैंने इसका खूब प्रयोग किया और शायद इसी वजह से मैंने औरों से जल्दी graduate हो पाया.इसके बावजूद मुझे कई real-world challenges को face करना पड़ा, पर कम से कम मैं उस समय खुद के self-doubt से नहीं लड़ रहा था.
इस तरह की mental conditioning ने मुझे अपने अंदरुनी मामलों को control करने में काफी सहायता की.आज मैं ये इतना भली-भांति कर लेता हूँ कि बिना इसके बारे में सोचे ही ये automatically होता रहता है. किसी point पर मेरे subconscious ने इसका कंट्रोल ले लिया; इसलिए जब कभी मेरे मन कोई ऐसा विचार आता है कि , “I can’t” तो वो स्वतः ही ,”How can I?” में परिवर्तित हो जाता है. दरअसल जब आप mental conditioning को बहुत ज्यादा practice कर लेते हैं तो यही होता है- आपका subconscious कंट्रोल ले लेता है;ठेक विअसे ही जैसे कि साइकिल चलाने की practice के बाद हो जाता है.
अब जब कभी आपको लगे कि कोई negative thought आपके दिमाग में घर कर रही हो तो इसे try कीजिये. मेरे विचार है कि आप इसे काफी सशक्त बनाने वाला पाएंगे. और जिन्हें इससे फायदा पहुँच सकता है उनके साथ जरूर share करिए.

source:achhikhabar.com

Reader's Choice