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Tuesday, December 4, 2012

Barber to Billionaire-Law of Karma Success Story in Hindi

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Success Story in HIndi- Ramesh Kumar
क्या आप जानते हैं की हम में से ज़्यादातर लोग अपनी लाइफ को बहेतर बनाने के तरीके नहीं आते बल्कि हम अपनी situation को रोना रोते रहते हैं और धीते धीरे हम अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बना लेते हैं और अपनी ज़िन्दगी  में secured life जीने की कोशिश में !

लेकिन कुछ व्यक्ति जो जीवन में सब कुछ की चाहत न होते ही भी सब कुछ कर जाते हैं ! उनमे से एक हैं रमेश बाबु (Ramesh Babu),42 जिन्होने एक barber बन कर career शुरू किया और अब वो बिज़नस एम्पायर के मालिक हैं !  He is self made billionaire now.

बेंगलुरु   के  रहने  वाले   42 साल के   Ramesh Babu ने अपनी  ईमानदारी , कठोर  परिश्रम ,  विनम्रता  और  दूरदर्शिता  के  बल  पर  करोड़ों  रुपये  का  business empire खड़ा  कर  दिया .

जब  रमेश  बाबू  सिर्फ  सात  साल  के  थे  तभी  उनके  पिता  का  निधन  हो  गया .  वो  अपने  पीछे   अपना  परिवार  और  एक  barber shop छोड़  गए  थे . उनकी  माँ  ने  बड़ी  मुश्किल  से  इधर -उधर  खाना  बनाने  का  काम  करके  बच्चों  को  पाला -पोसा   और   पढाया – लिखाया .

उनके पिता का देहांत उस समय हो गया जब वे पढाई  कर रहे थे और सात साल के थे तब सिर्फ एक Barber Shop छोड़ गए थे और उनकी माँ ने घरो में खाना बनाने और वे खुद barber shop चलाने में अक्षम थी इसलिए वे दुकान किराये पर दे दी


रमेश बाबु  कहते हैं की "वे सिर्फ एक समय का खाना खाकर बडे हुए हैं "! रमेश  बाबू  जैसे  जैसे  बड़े  हुए  उन्हें  लगने  लगा  कि  अब  उन्हें  पढाई -लिखी  छोड़  कर  अपनी  माँ  का  हाथ  बंटाना  चाहिए ….,लेकिन  माँ  के  जिद्द  करने  पर  उन्होंने  पढाई  जारी  राखी  और  इंटर(12th ) करने   के  बाद   Electronics में  diploma किया .  इन  सबके  दौरान  उनके  पिता  की  दुकान अभी  भी  मामूली  किराये  पर  चल  रही  थी .

1989 में रमेश बाबु ने खुद ही अपनी Barber Shop चलाने का निश्चय किया और अपनी उस दुकान को अपनी रोजी रोटी का जरिया बनाया !


उनकी मेहनत से दुकान कामयाब हो गई और पैसा save करना शुरू किया !


1994 में उन्होने एक Maruti Omni गाडी खरीदने का मन बनाया और गाडी को Rent पर देने का फैसला किया और सिर्फ एक मंत्र "Customers Satisfaction" के ज़रिये काम आगे बढाया और  यही  वो बीज  था  जो  आगे  चल  कर  Ramesh Tours and Travels नाम  की company  में  बदल  गया .

1994  से  2004 के  बीच  में  उन्होंने  7 और  कारें  खरीदीं  और   उन्हें  भी  rent पर  लगा  दिया . इस  बीच  उन्होंने  एक  बात   का हमेशा  ध्यान  रखा  कि  उनके  driver well-behaved रहे  और  clients पूरी  तरह  satisfied हों . उन्होंने अपने  drivers की  सुख -सुविधा का भी  पूरा  ख्याल  रखा  और  शायद  यही  वजह  है  कि  उनका  पहला  driver संपथ  आज  भी  उनके  साथ  है .

उन्होने एक बड़ा कदम उठाते हुए एक Luxury Car Segment में  प्रवेश करने का फैसला लिया  और  बैंक से loan लेकर 42 लाख  की   एक  Mercedes Benz खरीद  ली .  उनका कहना है कि “ यह  बहुत   अच्छा  रहा  क्योंकि   बाकी   travel agencies के पास इसी  पुरानी luxury कारें  थीं , और  सिर्फ  हमारे  पास  ही  एकदम  brand new Mercedes थी.”

इसके  बाद  रमेश जी ने  कभी  पीछे  मुड़  कर  नहीं   देखा  और  एक  के  बाद  एक  अपने  कारों  का  जखीरा  बढाते  गए . और  आज  उनके  पास  लगभग  100 कारें  हैं  जिनमे  BMW, Mercedes और  Rolls Royce Ghost जैसी  27 luxury गाड़ियाँ   भी  शामिल  हैं .

उनकी  सबसे  सस्ती  गाड़ी  का  एक  दिन  का  minimum rent 1000 रूपये  है  और  सबसे  महंगी   Rolls Royce का  50,000 रुपये है …. लगभग  हर  रोज़  उनकी  सभी  गाड़ियाँ  book रहती  हैं ….आप  अंदाज़ा  लगा  सकते  हैं  उनकी  एक  दिन  की  कमाई  का ….!!!!!

और  हाँ , उनकी  पहली  car Maruti Omni अभी  भी  उनके  साथ  है …पर  अब  वो  उसे  rent पर नहीं  देते .
आज  उनकी  company ने कई ड्राइवरों को  रोजगार  दिया  हुआ  है. उनकी कंपनी में यह भी सुविधा है  कि  कोई ग्राहक  चाहे  तो  सिर्फ  car hire करे  और  खुद  चला  कर  ले जाए .

अब  आप  ही  सोचिये  कि  इतने  बड़े  आदमी   का  daily routine क्या  होता  होगा ….आराम  से  अपने  5 star office में  बैठना  और  अपना  जमा -जमाया  business manage करना ……पर  नहीं ….Ramesh Babu तो  सच  में  एक  मिसाल  हैं .

वो  अभी  भी  रोज  सुबह  8 से  10 बाल  काटने  का  काम  करते  हैं , 10 से  4 वो  अपना car  rental  business सँभालते  हैं  और   फिर  4 से  7 लोगों  के  बाल  काटते  हैं  और  एक  बार  फिर  7 से  8:30 Ramesh Tours and Travels का काम देखते  हैं .

जरा  imagine कीजिये कि  आप  अपनी  scooter से  किसी   नाई के यहाँ जाएं  और  वो  अपनी  Rolls Royce से  उतर  कर  आपके  बाल  में  पानी  छिडके ….woooooo!!!!

Ramesh Babu अपनी  पत्नी , दो  बेटियों  और  एक  बेटे  के  साथ  एक  खुशहाल  जीवन   जी  रहे  हैं . उनका  कहना  है  “ मैं  अपने  बच्चों  को  अपने  दोनों  business करना  सीखाऊंगा  .”

वैसे तो रमेश जी काफी busy रहते  हैं पर  ladies hair cut  सीखने  के  लिए  Singapore जा  चुके  हैं  और  एक  बार Germany की  भी  सैर  कर   चुके  हैं .जब  उनसे  कोई  पूछता  है  कि  वो  किसी  club के  member क्यों  नहीं  बन जाते  तो  उंनका  कहना  होता  है , “ मेरे  पास  time नहीं  है ”

सच  में  Ramesh जी  इस  बात  का जीता-जागता  प्रमाण  हैं  कि   इंसान  अपनी  मेहनत  से  कुछ  भी  हांसिल  कर  सकता  है  और  सब  कुछ  हांसिल  कर  के  भी  जमीन  से  जुड़ा  रह  सकता  है .
Sunday को  वो  पूरा  दिन  अपने  saloon पर  ही  काम  करते  हैं  क्योंकि  उस  दिन  भीड़  ज्यादा  होती   है . इसका  ये   मतलब  है  कि  वो एक  दिन  की  भी  छुट्टी  नहीं  लेते .वो  पुरुषों  के  बाल   काटने  के  65  और  महिलाओं  के  150 रुपये  लेते  हैं .

वो  आज  भी  उन  दिनों  को  नहीं  भूले  हैं  जब  उनकी  माँ  दूसरों  के  यहाँ  खाना  बनती  थी . वो  अभी  भी  बाल  इसलिए  काटते  हैं  ताकि  वो  अपनी  जड़ों  को  ना  भूल  पाएं . वो  कहते  हैं  कि , ” मैं  कभी  भी  अपने  customer को  नाराज़  नहीं  करता .”

उनके  travel business की  लागत  का  कुछ  हिस्सा   Traffic police के  fine भरने  में   जाता  है . हर  महीने  वो  खुद  जा  कर  fine जमा  करते  हैं  और  उसे  driver की  salary से  काटते  हैं . उन्हें  यह  पसंद  नहीं  की  उनकी  गाड़ियाँ  बीच  में  रोकी  जाएं  और  customers को  असुविधा  हो .

उनका  कहना  है  कि  उनकी  success का  एक  ही  formula है ,” hard work and honesty

इतना  सफल  होने  के  बाद  भी  किसी  का  इतना  down to earth होना  सच  में  inspire करता  है कि हम भी उनकी तरह बनें .

हम  आशा  करते  हैं  कि  आगे  आने  वाले  समय  में  भी  उनके  दोनों  business फलते -फूलते  रहे  और  वो  इसी  तरह  से  हमें  प्रेरणा  देते  रहे .

This story is true example of law of karma as he applied in his life. I hope this story inspires you a lot and if you have some English or Hindi Success Story. Email me. 


Inspired by achhikhabar

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